संवाददाता विशेष: जुगल सिंह सोलंकी । राजस्थान ।
गोटन, नागौर | 8 जून 2025:
गोटन कस्बे के निकटवर्ती ग्राम पंचायत कड़वासरो की ढाणी में शनिवार को अमर शहीद भागीरथ कड़वासरा की 23वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहीद की प्रतिमा पर गांववासियों और परिजनों द्वारा पुष्प अर्पित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ महंत त्यागी संत रामप्रकाश महाराज नोखा धाम द्वारा दीप प्रज्वलन एवं श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया।
शहीद भागीरथ कड़वासरा ने 8 जून 2002 को असम के मिलनपुर गांव में ‘ऑपरेशन सहिनो’ के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेते हुए देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनका जन्म 10 जनवरी 1978 को नागौर जिले की मेड़ता उपखंड स्थित कड़वासरो की ढाणी में हुआ था। पिता हप्पाराम और माता मंगली देवी के पुत्र भागीरथ का विवाह टालनपुर निवासी पूरा राम बांगड़ा की पुत्री संतोष देवी से हुआ था। उनकी एक पुत्री सुष्मिता है।
शहीद भागीरथ का सेना में चयन 5 जनवरी 1995 को 13 ग्रेनेडियर्स बटालियन में हुआ था, और उन्होंने पूर्वी भारत के कई दुर्गम इलाकों में बहादुरीपूर्वक देश सेवा की। उनकी वीरता को सम्मान देते हुए उन्हें 26 मार्च 2003 को मरणोपरांत “शौर्य चक्र” से सम्मानित किया गया।
युवा दिनेश कड़वासरा ने कहा कि शहीदों की कुर्बानियां कभी भुलाई नहीं जा सकतीं। एक सैनिक अपने घर-परिवार से दूर देश को ही अपना परिवार मानता है और अपनी जान हथेली पर रखकर सेवा करता है। ऐसे अमर वीर की पुण्यतिथि मनाना हम सबके लिए गर्व की बात है।
इस श्रद्धांजलि समारोह में एएसआई रामनिवास ईनाणियां, जस्साराम, हप्पाराम, धर्माराम, शिक्षाविद भागीरथ कड़वासरा, शारीरिक शिक्षक रामनिवास कड़वासरा, पूर्व सैनिक रामलाल, रामनिवास, मदनलाल, रामचंद्र, सोहनलाल, नवीन नराधनीया, अरविंद, महिपाल, सचिन, दीपक कड़वासरा, आदित्य समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।








