विवेक कुमार यादव । ब्युरो । बिहार/झारखंड ।
मधुबनी, टिकुली से लेकर मेटल क्राफ्ट तक – बिहार की हस्तशिल्प विरासत को सराहा

पटना:
भारतीय डाक के बिहार सर्किल के निदेशक डाक सेवाएं (मुख्यालय) श्री पवन कुमार ने आज उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना का भ्रमण कर संस्थान की लोक-शिल्प परंपराओं और शिक्षण-प्रशिक्षण गतिविधियों का गहन अवलोकन किया। यह दौरा संस्थान के लिए प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।
???? भ्रमण की मुख्य विशेषताएं:
- भ्रमण की शुरुआत संस्थान के संग्रहालय से हुई, जहाँ स्व. उपेंद्र महारथी जी के जीवन और शिल्प योगदान की जानकारी प्राप्त की गई।
- मधुबनी, सिक्की, टिकुली, मेटल क्राफ्ट और पत्थर शिल्प जैसी बहुमूल्य कलाओं की गहनता से सराहना की गई।
- प्रशिक्षकों व प्रशिक्षुओं से सीधे संवाद कर शिल्प की आधुनिक तकनीकों और नवाचारों की जानकारी ली।
- संस्थान परिसर स्थित ‘पटना हाट’ का भी अवलोकन किया और स्थानीय शिल्पकारों के उत्पादों की सराहना की।
????️ संस्थान को मिला मार्गदर्शन
श्री पवन कुमार जी ने शिल्प प्रशिक्षण, नवाचार, विपणन और स्थानीय कारीगरों को तकनीकी सहयोग के विषय में महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा:
“बिहार की हस्तशिल्प परंपरा न केवल सांस्कृतिक विरासत है, बल्कि इसका भविष्य नवाचार और समावेशी विकास में छिपा है।”
???? संस्थान ने जताया आभार
संस्थान की ओर से उप विकास पदाधिकारी श्री सत्यानंद शर्मा ने निदेशक महोदय का अभिनंदन करते हुए कहा कि:
“यह दौरा संस्थान के लिए प्रेरणा का स्रोत है और हमारे कार्यों को नई दिशा देने वाला साबित होगा।”









