विवेक कुमार यादव । ब्युरो । बिहार/झारखंड ।
इंडियन इंस्टिच्युट ऑफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च में B.ASLP पाठ्यक्रम पूर्णाहुति समारोह सम्पन्न, कुलपति व न्यायमूर्ति ने विद्यार्थियों को सेवा व नैतिकता का पाठ पढ़ाया ।
पटना:
बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.एन. सिन्हा ने कहा कि “चिकित्सा के क्षेत्र में सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।” वे सोमवार को पटना के बेउर स्थित इंडियन इंस्टिच्युट ऑफ हेल्थ एजुकेशन एंड रिसर्च (IIHER) में बैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी एंड स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजी (B.ASLP) पाठ्यक्रम के पूर्णाहुति समारोह में छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर संस्थान से औपचारिक विदाई दी गई।

डॉ. सिन्हा ने विद्यार्थियों से कहा, “आपने जो ज्ञान प्राप्त किया है, उसे पीड़ितों और रोगियों के उपचार में निष्ठा से लगाएँ। इससे समाज की सेवा भी होगी और आपको व्यक्तिगत रूप से यश व सफलता भी मिलेगी। सेवा भावना के साथ कार्य करने से ही जीवन में सच्ची उपलब्धि मिलती है।”
इस गरिमामयी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेन्द्र प्रसाद ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि “कौशल प्राप्त कर लेना एक उपलब्धि है, लेकिन उसका सदुपयोग समाज हित में होना चाहिए। धन अर्जन के लिए योग्यता का दुरुपयोग व्यक्ति को नैतिक रूप से नीचे गिरा देता है।”
संस्थान के निदेशक-प्रमुख डॉ. अनिल सुलभ ने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि यह संस्थान वर्ष 1990 से गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा में अग्रणी रहा है। आज इसके छात्र देश-विदेश में सम्मानजनक सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने भावुकता के साथ कहा कि “विदाई का यह क्षण मुझे एक पिता की पुत्री की विदाई जैसा अनुभव दे रहा है।”

इस अवसर पर वरिष्ठ फिजियोथेरापिस्ट डॉ. नरेंद्र कुमार सिन्हा, प्रबंध निदेशक आकाश कुमार, तथा वाक् एवं श्रवण विभाग के प्रभारी डॉ. विकास कुमार सिंह ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संतोष कुमार सिंह ने किया। समारोह में डॉ. नेहा कुमारी, डॉ. विनय पांडेय, प्रो. संजीत कुमार, डॉ. रूपाली भवाल, डॉ. नवनीत कुमार, प्रो. मधुमाला, प्रो. चंद्रा आभा, प्रो. देवराज, प्रो. शैलजा झा, सूबेदार संजय कुमार समेत संस्थान के अनेक शिक्षकगण एवं छात्रगण उपस्थित रहे।








