विवेक कुमार यादव । ब्युरो । बिहार/झारखंड ।
पर्यटन, रोजगार और राजस्व वृद्धि के लिए बिहार सरकार का बड़ा कदम, स्वदेश दर्शन योजना के तहत मिलेगा नया स्वरूप
पटना:
बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज जानकारी दी कि सारण जिले के ऐतिहासिक सोनपुर मेला के आधुनिकीकरण के लिए ₹24.28 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। यह योजना भारत सरकार की स्वदेश दर्शन स्कीम 2.0 की सीबीडीडी उप-योजना के तहत लागू की जा रही है।
क्या-क्या होगा विकसित?
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित आधुनिक एवं पर्यावरण-संवेदनशील सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा:
- नवीन प्रवेश द्वार और हाट का निर्माण
- सड़क चौड़ीकरण और घाट तक बेहतर संपर्क व्यवस्था
- पार्किंग और शटल सेवा का विकास
- प्लास्टिक मुक्त मेला क्षेत्र और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली
- सौर ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण जागरूकता अभियान
डिजिटल पहल भी होंगी शामिल:
- मेला मोबाइल ऐप
- कैशलेस भुगतान सुविधा
- वर्चुअल दर्शन की व्यवस्था
- स्मार्ट पार्किंग सेवाएं
सोनपुर मेला की विशेषता:
श्री चौधरी ने बताया कि सोनपुर मेला गंगा और गंडक नदियों के संगम पर आयोजित होने वाला एक ऐतिहासिक पशु मेला है, जिसे एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला माना जाता है। यह हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा (इस वर्ष 5 नवंबर) से शुरू होकर एक माह तक चलता है। यह मेला खासकर हाथी, घोड़े, बैल, गाय आदि पशुओं की खरीद-बिक्री के लिए प्रसिद्ध रहा है।
पर्यटन, रोजगार और राजस्व को मिलेगा बढ़ावा:
उन्होंने कहा कि सोनपुर मेला को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से न सिर्फ स्थानीय स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि सरकारी राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
सरकार का उद्देश्य है कि पर्यटकों को बेहतर अनुभव, सुरक्षा, और साफ-सुथरा वातावरण मिले ताकि बिहार को पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान मिले।









