विवेक कुमार यादव । ब्युरो । बिहार / झारखंड
तरैया (सारण):
2025 विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति गर्मा रही है, और इसी क्रम में तरैया विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नई रणनीति चर्चा का विषय बन गई है। 2020 के चुनाव में भाजपा के जनक सिंह ने इस सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन उनके कार्यकाल को लेकर क्षेत्र में बढ़ते असंतोष और प्रदर्शन की समीक्षा के बीच अब पार्टी नए विकल्प की तलाश में है।
ऐसे में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वर्षों से समर्पित कार्यकर्ता हरिनारायण सिंह का नाम तेजी से उभर कर सामने आया है। संगठन और विचारधारा के प्रति उनकी निष्ठा, गांव-गांव में भाजपा के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका और निष्कलंक छवि उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाती है।
जनता में बदलाव की भावना:
तरैया क्षेत्र के कई पंचायतों और कार्यकर्ता संवादों में स्थानीय लोग बदलाव की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं। हरिनारायण सिंह को लेकर आम धारणा है कि वे जमीनी स्तर पर काम करने वाले, सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने वाले और समाज के सभी वर्गों से संवाद रखने वाले नेता हैं।
भाजपा की रणनीति में बदलाव के संकेत:
भाजपा आगामी चुनाव में सेवा, संगठन और स्वच्छ छवि को प्राथमिकता देना चाहती है। अगर पार्टी हरिनारायण सिंह को तरैया से प्रत्याशी घोषित करती है, तो यह न सिर्फ एक नई राजनीतिक शुरुआत का संकेत होगा, बल्कि इससे पार्टी को क्षेत्र में नई ऊर्जा भी प्राप्त हो सकती है।
स्थानीय संगठनों और युवाओं में उत्साह:
हरिनारायण सिंह को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच भी उत्साह देखा जा रहा है। संघ और भाजपा में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके सिंह क्षेत्र में वैचारिक नेतृत्व के प्रतीक माने जाते हैं।








