विवेक कुमार यादव । ब्युरो । बिहार/झारखंड ।
पटना:
कृषकों के जीवन में स्थायीत्व और समृद्धि लाने की दिशा में बिहार सरकार का सहकारिता विभाग निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में प्रदेशभर के पैक्सों (प्राथमिक कृषि साख समितियों) और व्यापार मंडलों में अब तक 6,158 गोदामों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। इन गोदामों के माध्यम से राज्य में लगभग 17 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता का सृजन हुआ है, जो किसानों को फसल की सुरक्षित भंडारण सुविधा प्रदान कर रहा है।
विभाग द्वारा संचालित गोदाम निर्माण योजना के तहत अब तक 6,994 गोदामों को स्वीकृति मिली है, जिनमें से 836 गोदामों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ये गोदाम 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले हैं, जो आधुनिक संरचना और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप निर्मित किए जा रहे हैं।
कृषकों के लिए खुशहाली का रास्ता-
सहकारिता विभाग की इस योजना ने किसानों को न सिर्फ उपज के सुरक्षित भंडारण का विकल्प दिया है, बल्कि बिचौलियों पर निर्भरता को भी कम किया है। गोदाम निर्माण से किसान अपने अनाज को अच्छे दाम मिलने तक संग्रहित कर सकते हैं, जिससे उन्हें बाजार में बेहतर सौदे की संभावना मिलती है। इससे राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
वित्तीय सहायता और निर्माण की पारदर्शिता-
गोदाम निर्माण के लिए सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अनुदान और शेष 50 प्रतिशत चक्रीय पूंजी (ब्याज सहित) के रूप में सहायता दी जाती है। यह पूंजी 10 वर्षों में 20 अर्धवार्षिक किस्तों में लौटानी होती है। गोदामों के निर्माण हेतु प्राथमिकता सरकारी भूमि को दी जाती है।
निर्माण लागत में संशोधन के अनुसार:
- 1000 मीट्रिक टन गोदाम – ₹72.67 लाख
- 500 मीट्रिक टन गोदाम – ₹34.59 लाख
- 200 मीट्रिक टन गोदाम – ₹17.12 लाख
निर्माण प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने हेतु जिला स्तर पर निगरानी की व्यवस्था है। जिला पदाधिकारी द्वारा नियुक्त अभियंताओं के माध्यम से निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है। साथ ही, सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित निरीक्षण कर रहे हैं।
चार चरणों में जारी होती है राशि-
गोदाम निर्माण के लिए धनराशि चार चरणों में जारी की जाती है, और हर चरण के लिए निर्धारित निर्माण मानकों का पालन अनिवार्य है। यह पूरी प्रक्रिया सहकारिता विभाग की दृढ़ नियोजन और सुशासन का प्रमाण है।
- ✅ अब तक 6,158 गोदामों का निर्माण पूर्ण
- ✅ कुल 17 लाख मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता
- ✅ 200, 500, 1000 मीट्रिक टन वाले आधुनिक गोदाम
- ✅ पारदर्शी वित्तीय प्रणाली, सरकारी अनुदान और निगरानी
- ✅ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई गति








