विवेक कुमार यादव । ब्युरो । बिहार/झारखंड ।
SC-ST वर्ग को मिलेगा अनुदान, दक्षिण बिहार के 8 जिलों में योजना का क्रियान्वयन
पटना: बिहार सरकार मत्स्य पालन को रोजगार और उद्यमिता का सशक्त माध्यम बनाते हुए अब राज्य के पठारी क्षेत्रों में तालाब निर्माण आधारित मत्स्य पालन योजना को गति दे रही है। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य निदेशालय द्वारा विशेष रूप से SC और ST वर्गों के लिए शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य है:
“तालाब निर्माण और संबद्ध सहायक इकाइयों की स्थापना के माध्यम से मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन करना।”
???? किन जिलों में लागू हो रही है योजना?
यह योजना दक्षिण बिहार के उन जिलों में लागू की जा रही है, जहां पठारी भू-भाग प्रमुखता से मौजूद हैं:
- बांका
- औरंगाबाद
- गया
- कैमूर
- नवादा
- जमुई
- मुंगेर
- रोहतास
???? योजना की प्रमुख विशेषताएँ:
???? तालाब निर्माण (1 एकड़ क्षेत्र में न्यूनतम 0.4 एकड़ जल क्षेत्र):
पैकेज इकाई के अंतर्गत अनुदान की सुविधा।
???? संबद्ध इकाइयाँ:
- ट्यूबवेल और सोलर पंप की स्थापना
- उन्नत इनपुट सामग्री (मछली बीज, चारा आदि)
- तालाब क्षेत्र का विकास एवं मरम्मत
???? अनुदान राशि:
- ₹16.70 लाख प्रति एकड़ जल क्षेत्र पर आधारित
- कुल लागत का 80% तक अनुदान (सब्सिडी)
- SC/ST वर्ग के लाभुकों को प्राथमिकता
????️ अधिकारियों की मानें तो…
मत्स्य निदेशालय के अधिकारियों के अनुसार, यह योजना न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि करेगी, बल्कि ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आजीविका के नए साधन उपलब्ध कराएगी। इसके जरिए माइक्रो उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
???? आवेदन कैसे करें?
- इच्छुक व्यक्ति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ:
???? https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizeHome.html - साथ ही, संबंधित जिला मत्स्य कार्यालय से भी विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
???? बिहार में मत्स्य पालन की नई तस्वीर
राज्य सरकार की यह पहल पारंपरिक कृषि आधारित क्षेत्र को बहुआयामी आजीविका क्षेत्र में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे जल संसाधनों का उपयोग, प्राकृतिक संपदा का संरक्षण, और ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार सुनिश्चित हो सकेगा।








