विवेक कुमार यादव । ब्युरो । बिहार/झारखंड ।
बिहार को अब कुल 2246 मेगावाट बिजली आपूर्ति, ऊर्जा क्षेत्र को मिला नया आयाम
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पटना: बिहार के ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त करने की दिशा में एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। बाढ़ विद्युत ताप परियोजना (Barh Super Thermal Power Project) के प्रथम चरण की तीसरी इकाई (660 मेगावाट) का ट्रायल रन आज सफलतापूर्वक पूर्ण हो गया। इस इकाई से अब बिहार को 370 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी।
बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट देश की बड़ी बिजली परियोजनाओं में से एक है, जिसकी कुल उत्पादन क्षमता 3300 मेगावाट है। परियोजना को दो चरणों में विभाजित किया गया है:
???? प्रथम चरण:
- 660 × 3 = 1980 मेगावाट
- अब तीनों इकाइयाँ (यूनिट-1: नवम्बर 2021, यूनिट-2: अगस्त 2023, यूनिट-3: जून 2025) पूर्णत: चालू हो चुकी हैं।
- बिहार को प्रथम चरण से 1110 मेगावाट बिजली मिल रही है।
???? द्वितीय चरण:
- 660 × 2 = 1320 मेगावाट (निर्माण 2016 में पूर्ण)
- बिहार को द्वितीय चरण से 1136 मेगावाट आपूर्ति हो रही है।
???? कुल आपूर्ति:
प्रथम और द्वितीय चरण को मिलाकर अब बिहार को कुल 2246 मेगावाट बिजली इस परियोजना से प्राप्त हो रही है।
????️ ऊर्जा मंत्री का वक्तव्य:
राज्य के ऊर्जा मंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा:
“बाढ़ थर्मल पावर प्लांट बिहार की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस परियोजना की सफलता मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। अब राज्य को स्थिर, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, जिससे औद्योगिक विकास, कृषि, व्यापार और घरेलू क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।”
???? तकनीकी विशेषताएँ:
- इस संयंत्र में पर्यावरण के अनुकूल अत्याधुनिक तकनीक जैसे फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन (FGD) और हाई एफिशिएंसी बॉयलर का प्रयोग किया गया है।
- परियोजना को NTPC द्वारा संचालित किया जा रहा है।
???? सामाजिक और पर्यावरणीय लाभ:
- संयंत्र से निकलने वाले उत्सर्जन को न्यूनतम करने की दिशा में सभी मानकों का पालन।
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं।
- इससे राज्य के पॉवर कट की समस्या में भी भारी कमी आएगी।
बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट बिहार ही नहीं, पूरे पूर्वी भारत की ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।








