विवेक कुमार यादव । ब्युरो । बिहार/झारखंड ।
पटना:
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजधानी पटना स्थित ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने प्लास्टिक को जीवन से दूर करने और हरित आवरण बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य 2028 तक हरित क्षेत्र को 17% तक ले जाना है। फिलहाल राज्य में 12.55% वन क्षेत्र और 15.05% हरित क्षेत्र है।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में “बीट प्लास्टिक पॉल्यूशन” विषय के तहत प्लास्टिक प्रदूषण से पर्यावरण को हो रहे नुकसान और उसके समाधान पर गंभीर चर्चा हुई। मंत्री ने हरियाली मिशन, मुख्यमंत्री पौधशाला योजना और वानिकी किसान योजना की सफलताओं का भी उल्लेख किया।
???? मुख्य बिंदु:
- प्लास्टिक को जीवन से हटाना जरूरी: मंत्री ने कहा कि प्लास्टिक के अत्यधिक प्रयोग से पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव पड़ता है।
- हरियाली मिशन: 2012 से संचालित इस योजना से बिहार के हरित आवरण में तेजी से वृद्धि हो रही है।
- वानिकी किसान योजना: किसान रैयती जमीन पर पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।
- जल संरक्षण प्रयास: तालाबों की सफाई व संरक्षण से भूजल स्तर में सुधार हुआ है।
????️ विशेष वक्तव्य
हरजोत कौर बम्हरा (अपर मुख्य सचिव)
“99% दैनिक उपभोग की वस्तुएं प्लास्टिक से बनी हैं। इसकी निर्भरता कम करना अब हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
डॉ. डीके शुक्ला (अध्यक्ष, बिहार प्रदूषण नियंत्रण पर्षद)
“प्लास्टिक बैग्स पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा हैं। इनका प्रयोग बंद करना अनिवार्य है।”
???? सम्मान एवं पुरस्कार
- औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण सम्मान: आईटीसी लिमिटेड, वासुदेवपुर (मुंगेर)
- पर्यावरण हितैषी सम्मान:
- संतोष कुमार सुमन (जमुई)
- अतुल गुंजन, मनोज कुमार (प. चंपारण)
- शिवबंधु दूबे (सिमरी, बक्सर)
- क्विज प्रतियोगिता:
- प्रथम: अंबर सिन्हा, ईशान भूषण (संत कैरेंस हाई स्कूल, पटना)
- द्वितीय: अर्णव प्रकाश, मानस वैभव (डॉन बॉस्को एकेडमी, पटना)
- निबंध व चित्रांकन प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया।








