संवाददाता- जुगल सिंह सोलंकी । राजस्थान ।
मेड़ता: इस वर्ष 7 जून को निर्जला एकादशी (ग्यारस) और ईद-उल-अजहा (बकरा ईद) का पर्व एक ही दिन मनाया जा रहा है। भारत की गंगा-जमुनी तहज़ीब और धार्मिक एकता का प्रतीक यह दिन देश में भाईचारे और शांति का संदेश लेकर आया है।
इसी क्रम में गांधी दर्शन जिला अध्यक्ष जगदीश नारायण शर्मा के कार्यालय में आयोजित बैठक में गांधी दर्शन के विभिन्न सदस्यों ने भाग लिया और संयुक्त रूप से देशवासियों से सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की मार्मिक अपील की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि भारत विविध धर्मों का देश है, जहां सनातन धर्म और इस्लाम धर्म के अनुयायी सदियों से एकता के सूत्र में बंधे हैं। लेकिन वर्तमान समय में कुछ साम्प्रदायिक ताकतें देश के अमन-चैन को बिगाड़ने का प्रयास कर रही हैं, जिनसे सावधान रहना सभी नागरिकों का कर्तव्य है।
गांधी दर्शन के सदस्यों ने नागरिकों से अपील की कि सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए पर्व मनाएं, और किसी भी धर्म की भावना को ठेस पहुँचाने वाला कोई कार्य न करें। यदि किसी असामाजिक तत्व द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जाए, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
इस अवसर पर बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्यों में शामिल थे:
जुबैर उस्मानी, अनिल सारस्वत (डेगाना संयोजक), एडवोकेट परवेज खान (राजीव गांधी पूर्व युवा मित्र), पांचाराम, एडवोकेट मोहम्मद रज़ा, एडवोकेट मोहम्मद शब्बीर रेण, एडवोकेट सदाकत चिश्ती, रईस अहमद (ओबीसी प्रकोष्ठ जिला महामंत्री, मेड़तारोड), एडवोकेट रविन्द्र प्रजापत, एडवोकेट सौरभ शर्मा आदि।
इन सभी ने गांधी दर्शन के जिला संयोजक जगदीश नारायण शर्मा के नेतृत्व में संवेदनशीलता, सद्भावना और सजगता की यह अपील जारी की।








